मुलींना कोणाला हि नाही सांगत स्वतःच्या ह्या “गुप्त” गोष्टी.

लड़कों की समस्या

“मुझे समझ ही नहीं आता कि तुम्हारे दिमाग में क्या चलता रहता है, मेरे किस सवाल से तुम नाराज हो जाती हो और किस जवाब से संतुष्ट, मैं आज तक नहीं जान पाया। हमारे रिश्ते को 5 साल बीत गए, पांच सालों तक साथ रहने के बावजूद मुझे लगता है कि मैं तुम्हें 10% भी समझ नहीं आया। तुम्हें जो भी कहना है खुलकर कहो, तुम्हारे दिल में क्या है, दिमाग में क्या चल रहा है, यह मैं बिना तुम्हारे बोले नहीं जान सकता”।

लड़कियों की चाहत

पिछली स्लाइड्स की पंक्तियां पढ़कर आपको लगा होगा जैसे किसी ने आपके ही दिल की बात लिख दी। आपको क्या लगा, ये सब बातें क्या बस आपके और आपकी पत्नी के बीच ही होती हैं?

बेसिक नेचर

बिल्कुल नहीं जनाब, कोई लड़की चाहे खुद को कितना ही दूसरों से अलग क्यों ना समझ लें लेकिन उन सभी का बेसिक नेचर लगभग समान ही होता है। वे अपने साथी से बहुत कुछ चाहती हैं लेकिन उनकी आदत वो चाहत बयां करने की नहीं होती। वे सोचती हैं कि अगर उनका साथी उनसे प्रेम करता है तो वह खुद समझ जाएगा।

होमवर्क

यहां आपका प्वॉइंट भी सही है, बिना उनके बोले आप कैसे उनकी बात समझ सकते हैं। आप भी कोई अंतरयामी नहीं हैं। पर उन्हें यह बात समझाने बैठेंगे तो उनकी बातों में और ज्यादा फंसते जाएंगे, इसलिए बेहतर है कि आप अपना ही होमवर्क पूरा कर लीजिए।

उनकी तारीफ

आपकी गर्लफ्रेंड या पत्नी बोल्ड हो सकती है, स्वतंत्र हो सकती है, वह आत्मनिर्भर हो सकती है, लेकिन है तो वो एक महिला ही ना। महिलाओं को अपनी तारीफ सुनाने का एक अजीब ही शौक होता है, खासकर उनसे जो उनके लिए बहुत खास हैं, जैसे कि आप। वो चाहे ये आपसे ना कहें लेकिन अगर वह कोई नई ड्रेस पहन रही हैं, घर की जिम्मेदारियां संभाल रही हैं या किसी नए काम में सफल हुई हैं तो वह चाहती हैं कि आप उसे समझें और उनकी तारीफ करें।

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